गैस से बचने के उपाय
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पेट में गैस की समस्या दूर करने के आसान घरेलू उपाय
पेट में गैस (pet me gas) की समस्या को पेट में वायु बनना या गैस बनना आदि भी बोला जाता है। इसे पेट या आँतों की गैस और पेट फूलना भी कहते हैं। आजकल अस्वस्थ आहार और सुस्त जीवनशैली के कारण पेट में गैस की समस्या होना आम बात हो गई है। आयुर्वेद के अनुसार, पेट के जितने भी रोग हैं वे सभी शरीर के त्रिदोष के कारण होते हैं। इसलिए वात, पित्त, कफ दोषों को शांत करके पेट के रोग जैसे गैस की समस्या (gas ki problem ka ilaj) को ठीक किया जा सकता है।
गैस की बीमारी स्वतंत्र रोग न होकर पाचनतंत्र से संबंधित खराबी के कारण होने वाली बीमारी है। कई बार गैस के कारण इतना तेज दर्द होने लगता है कि बीमारी गंभीर बन जाती है। इतना ही नहीं पेट में गैस होने पर अनेक तरह की बीमारियां होने की संभावना भी बन जाती है। इसलिए आइए जानते हैं कि पेट में गैस की समस्या क्यों होती है, गैस की समस्या से होने वाले रोग कौन-कौन से हैं, और पेट में गैस होने पर घरेलू इलाज कैसे किया जाना चाहिए।
पेट में गैस होना क्या है?
जब खाना खाते हैं तब पाचनक्रिया के दौरान हाइड्रोजन, कार्बनडाइऑक्साइड और मिथेन गैस निकलता है जो गैस या एसिडिटी होने का कारण बनता है। जठराग्नि की कमजोरी से मल, वात आदि रोग हो जाते हैं। इससे अन्य कई रोग होने लगते हैं। मल की अधिकता के कारण जठराग्नि कमजोर होने लगती है। जब पाचन सही प्रकार से नहीं होता है तो पेट में बनने वाली अपान वायु तथा प्राण वायु बहार नहीं निकल पाती है। गैस से होने वाले रोग से बचने के लिए आपको आयुर्वेदिक उपाय करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार, वात, पित्त, कफ को शांत करके पेट में गैस की समस्या को ठीक किया जा सकता है। तीनों दोषों को शांत करने के लिए जौ, मूँग, दूध, आसव, मधु, इत्यादि का सेवन करना चाहिए।
पेट में गैस बनने के लक्षण
पेट में गैस बनने पर पेट में दर्द होने लगता है, लेकिन इसके अलावा और भी लक्षण है जो एसिडिटी होने पर नजर आते हैं-
सुबह जब मल का वेग आता है तो वो साफ नहीं होता है और पेट फूला हुआ प्रतीत होता है।
पेट में ऐंठन और हल्के-हल्के दर्द का आभास होना।
चुभन के साथ दर्द होना तथा कभी-कभी उल्टी होना।
सिर में दर्द रहना भी इसका एक मुख्य लक्षण हैं।
पूरे दिन आलस जैसा महसूस होता है।
पेट में गैस बनने के कारण
आयुर्वेद में वात, पित्त एवं कफ इन तीन दोषों के असंतुलन से ही सारे रोग होते हैं, तथा इनके सामान्य अवस्था में रहने से व्यक्ति रोगरहित रहता है। उदररोगों में उदरवायु सबसे आम समस्याओं में से एक देखी जाती है, यह वात के कारण होने वाला रोग है। अनुचित आहार-विहार के कारण वात प्रकुपित होकर अनेक रोगों को जन्म देता है तथा पेट में गैस की समस्या से व्यक्ति को जूझना पड़ता है। आयुर्वेद में वायु के पाँच प्रकार बताए गए हैं- प्राण, उदान, समान, व्यान एवं अपान वायु। उदर वायु समान एवं अपान वायु की विकृति से उत्पन्न होती है। लेकिन इसके पीछे बहुत सारे आम कारण होते हैं जिनके वजह से गैस होती है, चलिये इनके बारे में पता लगाते हैं।
अत्यधिक भोजन करना
बैक्टीरिया का पेट में ज्यादा उत्पादन होना
भोजन करते समय बातें करना और भोजन को ठीक तरह से चबाकर न खाना।
पेट में अम्ल का निर्माण होना।
किसी-किसी दूध के सेवन से भी गैस की समस्या हो सकती है।
अधिक शराब पीना
मानसिक चिंता या स्ट्रेस
एसिडिटी, बदहजमी, विषाक्त खाना खाने से, कब्ज और कुछ विशेष दवाओं के सेवन
मिठास और सॉरबिटोल युक्त पदार्थों के अधिक सेवन से गैस बनता है।
सुबह नाश्ता न करना या लम्बे समय तक खाली पेट रहना।
जंक फूड या तली-भुनी चीजें खाना।
बासी भोजन करना।
अपनी दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल न करना।
बीन्स, राजमा, छोले, लोबिया, मोठ, उड़द की दाल का अधिक सेवन करना।
कुछ खाद्य पदार्थों से कुछ लोगों को गैस बन जाता है जबकि कुछ लोगों को उससे कोई गैस नहीं बनता है जैसे; सेम, गोभी, प्याज, नाशपाती, सेब, आडू, दूध और दूध उत्पादों से अधिकांश लोगों को गैस बनती है।
खाद्य पदार्थ जिनमें वसा या प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट का प्रतिशत ज्यादा होता है, के खाने से ज्यादा गैस बनती है।
भोजन में खाद्य समूह में कटौती की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि आप अपने आप को आवश्यक पोषक तत्वों से वंचित भी नहीं रख सकते हैं, अक्सर, जैसे ही एक व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, कुछ एंजाइमों का उत्पादन कम होने लगता है और कुछ खाद्य पदार्थों से अधिक गैस भी बनने लगती है।
यहां तक कि स्तनपान करने वाले शिशुओं में उदरवायु यानि पेट में दर्द होने की समस्या अक्सर देखी जाती है। उचित प्रकार से स्तनपान न कराने या माता द्वारा वात बढ़ाने वाले आहार लेने से ऐसी समस्या हो जाती है। वहीं भोजन ग्रहण करने वाले बच्चों में वातवर्धक आहार, फास्ट फूड, जंक फूड इन सब के सेवन से उदरवायु की समस्या देखी जाती है.
पेट में गैस बनने से रोकने के उपाय
अगर खाना खाने के बाद एसिडिटी हो रहा है या हमेशा किसी न किसी कारण गैस का प्रॉबल्म हो रहा है तो इसको रोकने के लिए अपने आहार योजना और जीवन शैली में बदलाव लाना चाहिए।
सबसे पहले आहार योजना के बारे में जानते हैं-
क्योंकि पेट में गैस वात दोष के कारण होने वाली समस्या है अत वातशामक आहार एवं उचित जीवनशैली के द्वारा गैस की समस्या से राहत (pet me gas ke upay) मिलती है।
अपने आहार में बदलाव करें- सेम, गोभी, प्याज जैसे खाद्य पदार्थ की मात्रा का ध्यान रखें, हालांकि, इससे पहले कि आप इन चीजों को खाना छोड़ दे एक या दो सप्ताह इन्हें खाकर यह पता लगा लें कि आपकों किस चीज से नुकसान पहुँचता है, अपने आहार का ट्रैक रखें।
मिठास या सॉरबिटोल युक्त उत्पादों से बचें, जो चीनी मुक्त मिठाई और कुछ दवाओं में प्रयोग किया जाता है।
चाय और रेड वाइन भी अधोवायु को रोकने में मदद करता है।
अब आता है जीवनशैली में किस तरह के बदलाव लाने से गैस से राहत मिल सकती है,जैसे-
सुबह उठकर प्राणायाम एवं योगासन करें।
भोजन को चबा-चबा कर खाएं, जल्दी-जल्दी भोजन न खाएं।
पवनमुक्तासन, वज्रासन तथा उष्ट्रासन करें।
वज्रासन, खाने के बाद करने से गैस होने से रोका जा सकता है। इसको करने के लिए घुटने मोड़कर बैठ जाएं। दोनों हाथों को घुटनों पर रख लें। 5 से 15 मिनट तक करें। गैस पाचन शक्ति कमजोर होने से होती है। यदि पाचन शक्ति बढ़ा दें तो गैस नहीं बनेगी। योग की अग्निसार क्रिया से आंतों की ताकत बढ़कर पाचन सुधरेगा।
वज्रासन करने से पेट में गैस नहीं बनती। योग की अग्निसार क्रिया से आँतों की ताकत बढ़कर पाचन में सुधार होता है।
सोडा और प्रीजरवेटिव युक्त जूस न पिएं।
पानी अधिक पिएं।
जंक फूड, बासी भोजन तथा दूषित पानी से जितना हो सके बचें।
पेट में गैस की समस्या दूर करने के आसान घरेलू उपाय
गैस की समस्या से राहत पाने के लिए ये घरेलू नुस्ख़ों (gas ki problem ka ilaj) को अपनाया जा सकता हैः-
पेट में गैस होने पर अजवाइन के सेवन से फायदा
पेट में या आंतों में ऐंठन होने पर एक छोटा चम्मच अजवाइन में थोड़ा नमक मिलाकर गर्म पानी में लेने पर लाभ (pet me gas ke upay) मिलता है। बच्चों को अजवायन थोड़ी दें।
पेट में गैस होने पर हरड़ से फायदा
आप हरड़ से लाभ लेकर गैस का इलाज कर सकते हैं। वायु समस्या होने पर हरड़ के चूर्ण को शहद के साथ मिक्स कर खाना चाहिए।
पेट में गैस होने पर काला नमक के सेवन से लाभ
अजवायन, जीरा, छोटी हरड़ और काला नमक बराबर मात्रा में पीस लें। बड़ों के लिए 2 से 6 ग्राम, खाने के तुरन्त बाद पानी से लें। बच्चों के लिए मात्रा कम कर दें।
पेट में गैस होने पर अदरक के सेवन से राहत
अदरक के छोटे टुकड़े कर उस पर नमक छिड़क कर दिन में कई बार उसका सेवन करें। गैस परेशानी से छुटकारा मिलेगा, शरीर हल्का होगा और भूख खुलकर लगेगी। यह गैस की परेशानी से छुटकारा पाने (gas ki problem ka ilaj) का उत्तम तरीका है।
पेट में गैस होने पर काली मिर्च और सूखी अदरक से मदद (Black Pepper and Dried Ginger: Home Remedies for Gas Problem in Stomach in Hindi)
भोजन के एक घण्टे बाद 1 चम्मच काली मिर्च, 1 चम्मच सूखी अदरक और 1 चम्मच इलायची के दानों को 1/2 चम्मच पानी के साथ मिला कर पिएं।
1/2 चम्मच सूखा अदरक पाउडर लें और उसमें एक चुटकी हींग और सेंधा नमक मिला कर एक कफ गरम पानी में डाल कर पीएं। यह गैस की समस्या को खत्म करता है।
गैस की समस्या से छुटकारा के लिए अदरक और नींबू का प्रयोग
अदरक और नींबू से भी गैस का इलाज किया जा सकता है। कुछ ताजा अदरक स्लाइस की हुई नींबू के रस में भिगों कर भोजन के बाद चूसने से राहत मिलेगी।
गैस की समस्या से छुटकारा के लिए नींबू की शिकंजी का इस्तेमाल
रोज सुबह खाली पेट नींबू की मीठी शिकंजी का दो माह तक नियमित सेवन करें। खट्टी ड़कारें आना व मुँह का स्वाद क़ड़वा होना दोनों में आराम मिलेगा।
टमाटर का उपयोग कर गैस की समस्या से छुटाकारा
भोजन के साथ सलाद के रूप में टमाटर का प्रतिदिन सेवन करना लाभप्रद होता है। यदि उस पर काला नमक डालकर खाया जाए तो लाभ अधिक मिलता है। लेकिन एक बाद का ध्यान रखे कि पथरी के रोगी को कच्चे टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।
काली मिर्च का उपयोग कर पेट की गैस की समस्या से छुटकारा
आप गैस का इलाज करने के लिए काली मिर्च का उपयोग कर सकते हैं। गैस के कारण सिर दर्द होने पर चाय में कालीमिर्च डालें। वही चाय पीने से लाभ मिलता है।
सत्तू के सेवन से पेट की गैस की समस्या से छुटकारा
चने के सत्तू के सेवन से गैस का इलाज होता है। चने के सत्तू को पानी में घोलकर पीने से गैस की परेशानी से आराम मिलता है।
पेट में गैस की समस्या होने पर लौंग के सेवन से फायदा
भोजन करने के बाद दोनों समय एक-एक लौंग सुबह-शाम चूसने से खट्टी ड़कार नहीं आती हैं। इससे गैस की समस्या का इलाज हो सकता है।
एलोवेरा से दूर करें पेट में गैस की समस्या
वैसे तो अधिकांश लोग एलोवेरा का इस्तेमाल त्वचा की खूबसूरती बढ़ाने के लिए करते हैं लेकिन यह पेट से जुड़े कई रोगों के इलाज में भी बहुत मदद करती है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार एलोवेरा में लैक्सेटिव गुण होता है जो कब्ज को दूर करके पेट में गैस बनने से रोकता है।
नारियल पानी से पाएं पेट की गैस से छुटकारा
अगर आप अक्सर पेट में गैस बन जाने की समस्या से परेशान रहते हैं तो नारियल पानी पीने से आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं. नारियल पानी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो अपचन को दूर करके गैस और एसिडिटी से राहत दिलाते हैं. खुराक संबंधी जानकारी के लिए नजदीकी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से संपर्क करें।
गैस से आराम दिलाता है सेब का सिरका
विशेषज्ञों का मानना है कि सेब का सिरका भी गैस की समस्या में आराम दे सकता है क्योंकि पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है। इससे पेट में गैस बनने की संभावना कम हो जाती है।
पेट के गैस के लिए एक्यूप्रेशर बिंदु
पेट में गैस और दर्द से राहत के लिए आप कुछ एक्यूप्रेशर बिंदुओं पर दबाव डाल सकते हैं, जैसे कि नाभि के नीचे CV 6 (किहाई) बिंदु, नाभि के दाईं ओर पेट 25 (ST25), घुटने के नीचे ज़ुसान्ली (ST36), और कलाई के अंदर की ओर PC6 (नेइगुआन) बिंदु। ये बिंदु पाचन तंत्र को शांत करने और गैस से संबंधित ऐंठन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
एक्यूप्रेशर बिंदु और उन्हें कैसे ढूंढें:
CV 6 (किहाई):
यह बिंदु नाभि से लगभग डेढ़ इंच नीचे स्थित होता है। आप दो-तीन उंगलियों से इस बिंदु पर हल्का दबाव डालें.
पेट 25 (ST25):
यह बिंदु नाभि के दाईं ओर दो अंगुल की चौड़ाई पर होता है। इस बिंदु को पाचन तंत्र को संतुलित रखने और कब्ज या दस्त में मदद करने के लिए दबाया जाता है।
ज़ुसान्ली (ST36):
यह बिंदु घुटने के ठीक नीचे और पिंडली की हड्डी के किनारे से लगभग एक अंगुल बाहर स्थित होता है।
PC6 (नेइगुआन):
यह बिंदु आपकी कलाई से लगभग तीन अंगुल नीचे, भीतरी बांह पर स्थित होता है। इसे पेट की ऐंठन और मतली से तुरंत राहत दिलाने में मदद करने के लिए जाना जाता है।
